"एक रोज" "एक रोज जब वो मुझसे मिलने आयेगा,क्या कहेगा वो मुझसे, क्या वफा की कसमें फिर से खायेगा,क्या गुजरे हुये पलों को फिर से लौटा पायेगा,और जो एक रोज हो जायेगा अकेला इस भीड़ में, क्या वो मुझ को उस भीड़ में ढूँढ पायेगा" #Mukesh Namdev
"नारी" "इस धरा पर पुरुष प्रजाति ने इस धरा की हर वस्तु पर विजये हासिल की है,चाहे वो धन,सम्पति,शक्ति,ज्ञान या अधिपत्र क्यो न हो उसने इस धरा की हर वस्तु को जीता है,पर नारी प्रजाति ने उस विजये पुरुष को ही जीत लिया है,जिसने इस धरा पर किसी भी वस्तु-मात्र पर अपना अधिपत्र हासिल नही किया है,इसलिये इस धरा की सर्वशक्तिशाली सिर्फ एक ही प्रजाति है,जिसे पुरुष प्रजाति नारी कहके पुकारता है" #Mukesh Namdev
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